श्री शंखेश्वर महातीर्थ से श्री पाटण तीर्थ का संघ

 

2019-09-02 अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् की केन्द्रीय परिषद् के तत्त्वावधान में पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थोद्धारक गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में श्री शंखेश्वर तीर्थ से श्री पाटण तीर्थ का छह री पालित पद यात्रा संघ का भव्य आयोजन किया गया है।
यह संघ भगवान महावीर से चली आ रही अविच्छिन्न पट्टपरम्परा के खरतरगच्छ नामकरण को एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। चन्द्रगच्छ की इस सुविहित परम्परा का खरतरगच्छ नामकरण पाटण नगर में वि. सं.1075 में आचार्य जिनेश्वरसूरि के शास्त्रर्थ में विजयी रहने पर दुर्लभ राजा द्वारा किया गया था।
इस संघ के मुख्य लाभार्थी का लाभ मूल बिशाला वर्तमान में अहमदाबाद निवासी पूज्य पिताजी श्री मिश्रीमलजी बोथरा की पावन स्मृति में पू. माताजी श्रीमती गजीदेवी सुपुत्र गौतमचंदजी रतनलालजी जगदीशकुमारजी सुपौत्र नवीन रोहित रितिक नमन सुपौत्री साक्षी पूजा सिंघी तान्या बोथरा परिवार ने लिया है।
श्री बोथराजी सपरिवार पूज्यश्री को लाभ प्राप्त करने की विनंती करने धूलिया पहुँचे तथा मुख्य लाभार्थी का लाभ लेने व मुहूर्त्त प्रदान करने की विनंती की। पूज्यश्री ने उनकी विनंती को स्वीकार करते हुए 8 जनवरी 2020 को शुभ मुहूर्त्त में शंखेश्वर तीर्थ से संघ प्रस्थान का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। संघ ता.12 जनवरी 2020 रविवार को नूतन वर्ष के मंगल प्रभात में पाटण तीर्थ प्रवेश करेगा। वहाँ श्री जिनदत्त.कुशलसूरि खरतरगच्छ पेढी द्वारा बने खरतरगच्छ सहस्राब्दी भवन का उद्घाटन होगा तथा संघपति मालारोपण का विधान होगा।


Event Pics