गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रॅकोर्ड में अंकित हुआ रॅकोर्ड
2019-03-20
पूज्य गुरुदेव अवन्ति तीर्थोद्धारक खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर महाराज के जीवन के विभिन्न आयामों पर लिखित व्यक्ति विशेष पर लिखी गई विश्व की सबसे लंबी कविता को विश्वप्रसिद्ध ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रॅकोर्ड’ में सम्मिलित किया गया।
सुदीर्घ कविता की लेखिका मुम्बई निवासी प्रोफेसर डॉ. ललिता बी. जोगड़ के द्वारा लिखित कविता की प्रतिलिपि एवं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रॅकोर्ड का प्रमाण-पत्र की प्रति श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ जैन श्वे. मू.पू. मारवाडी समाज उज्जैन के अध्यक्ष श्री हीराचंदजी छाजेड,उपाध्यक्ष श्री निर्मलकुमारजी सकलेचा, महामंत्री श्री चंद्रशेखरजी डागा, महेन्द्रजी गादिया, मुम्बई से पधारे श्री जीवराजजी श्रीश्रीश्रीमाल, हीरालालजी कानुंगो, इन्दौर से पधारे दीनेशजी हुण्डिया, अनिलजी बैद आदि ने समर्पित किया।
1291 पंक्तियों की सुदीर्घ कविता-लेखन की घटना विरल है। धर्मसभा में उपस्थित सभी गुरुभक्तों ने ललिताजी जोगड के प्रयासों का अनुमोदन किया।
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