← Back to Blogs
Updates•

Michchhami Dukkadam

By JAHAJMANDIR
पर्वाधिराज पर्युषण की समाप्ति के परम पावन अवसर पर गत वर्ष जाने-अनजाने मन-वचन, काया के द्वारा आपको किसी भी प्रकार का आघात पहुँचा हो तो अपनी समस्त भूलों हेतु विनम्रतापूर्वक क्षमायाचना करते हुए आप सबको मिच्छा मि दुक्कडं.
हम संकल्प लेते हैं कि आगामी वर्ष में हमारे वाणी-व्यवहार शुद्ध निष्पक्ष और आत्मीयपूर्ण रहे...
जहाज मंदिर परिवार, राजस्थान