← Back to Blogs
Bikaner बीकानेर में साध्वी श्री प्रियमुद्रांजनाश्रीजी म.सा. के मासक्षमण संपन्न
बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव
प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य
गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ठाणा 8 एवं पूजनीया साध्वी श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. ठाणा 6 की पावन निश्रा में पूजनीया पार्श्वमणि तीर्थ प्रेरिका गणिनी प्रवरा श्री
सुलोचनाश्रीजी म.सा. एवं पूजनीया वर्धमान तपाराधिका श्री सुलक्षणाश्रीजी म.सा. की
शिष्या पूजनीया साध्वी श्री प्रियमुद्रांजनाश्रीजी म.सा. के मासक्षमण की तपस्या शातापूर्वक संपन्न हुई।
शोभायात्रा के पश्चात् तपस्वी अभिनंदन
समारोह का आयोजन किया गया। पू. तपस्वीजी के मासक्षमण के दिन तप पूरने के लक्ष्य से
बहुत श्रावक श्राविकाओं ने उपवास तप किया।
वरघोडे व अभिनंदन समारोह में तपागच्छ के
पूज्य पंन्यास प्रवर श्री पुंडरीकरत्नविजयजी म. आदि ठाणा, पार्श्वचन्द्र गच्छ के पूज्य मुनि श्री पुण्यरत्नचंद्रजी म., साधु साध्वी मंडल के साथ पधारे।
अभिनंदन समारोह का कुशल संचालन पूज्य
मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म. ने किया। इस अवसर पर पूज्य आचार्यश्री, पंन्यास प्रवर, पूज्य मुनिश्री पुण्यरत्नचंद्रजी म.,
पू. साध्वी श्री जिनेन्द्रप्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री
प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. आदि के प्रवचन हुए। पूज्य प्रवरों ने तपस्वी महाराज की
भूरि भूरि अनुमोदना की। समारोह एक बजे तक चला। हजारों श्रद्धालु पूरे समारोह में
उपस्थित रहे। शोभायात्रा में इतनी भीड पहली बार देखी गई।
बाल मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ने अपनी
माताजी महाराज के मासक्षमण की अनुमोदना करते हुए उनके उपकारों का वर्णन किया।
उन्होंने भी लघु वय होने पर भी तेला तप करके मासक्षमण की अनुमोदना की।
पू. गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.
के संदेश का वांचन किया गया।
पू. साध्वी श्री प्रियश्रेष्ठांजनाश्रीजी
म. प्रियसूत्रांजनाश्रीजी म. ने भजन द्वारा अनुमोदना की।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ
संघ बीकानेर के महामंत्री श्री शांतिलालजी सुराणा, गौहाटी
के संदीप खजांची, चेन्नई के महिपालजी कानूंगा आदि ने अपने
वक्तव्यों द्वारा तपस्या की अनुमोदना की।
श्री मगनजी कोचर, श्री सुनीलजी पारख, श्री नमन, जिनेश,
प्रियल, सौ. आशाजी एवं आरतीजी एवं विचक्षण
महिला मंडल आदि द्वारा गीतिकाऐं प्रस्तुत की गई।
पू. तपस्वीजी महाराज के गुरु पूजन का लाभ
श्री मोतीचंदजी नरेन्द्रकुमारजी राजेशजी खजांची परिवार ने तथा रत्न प्रतिमा अर्पण
करने का लाभ श्री मूलचंदजी महावीरचंदजी खजांची परिवार द्वारा लिया गया। पूज्य
आचार्य प्रवर ने भी रत्नमयी प्रतिमा तपस्वीजी म. को प्रदान की।
स्वामिवात्सल्य का लाभ श्री पानमलजी
धनराजजी सरलादेवी सुरेन्द्र महेन्द्र नाहटा परिवार ने लिया।
दोपहर में पूज्य मुनि श्री
मेहुलप्रभसागरजी म. के मार्गदर्शन में श्री शांतिस्नात्र महापूजन आयोजित हुआ।
जिसका लाभ तपस्वी महाराज के सांसारिक परिवार श्री बस्तीचंदजी महिपालजी नमन जिनेश
कानूंगा परिवार फलोदी निवासी वर्तमान चेन्नई वालों ने लिया। रात्रि को संगीत
सम्राट् श्री मगनजी कोचर एण्ड मंडली द्वारा भक्ति भावना का भव्य आयोजन किया गया।
ता. 2 अगस्त को
तपस्वीजी महाराज का पारणा संपन्न हुआ। दादा गुरुदेव की पूजा पढाई गई जिसका लाभ
श्री सुन्दरलालजी राजेन्द्रकुमारजी दस्साणी परिवार ने लिया। पूजा, वरघोडा आदि की व्यवस्थाओं में अ.भा. खरतरगच्छ युवा परिषद् बीकानेर की
अनुमोदनीय सहभागिता रही।jahaj mandir, maniprabh, mehulprabh, kushalvatika, JAHAJMANDIR, MEHUL PRABH, kushal vatika, mayankprabh, Pratikaman, Aaradhna, Yachna, Upvaas, Samayik, Navkar, Jap, Paryushan, MahaParv, jahajmandir, mehulprabh, maniprabh, mayankprabh, kushalvatika, gajmandir, kantisagar, harisagar, khartargacchha, jain dharma, jain, hindu, temple, jain temple, jain site, jain guru, jain sadhu, sadhu, sadhvi, guruji, tapasvi, aadinath, palitana, sammetshikhar, pawapuri, girnar, swetamber, shwetamber, JAHAJMANDIR, www.jahajmandir.com, www.jahajmandir.blogspot.in,