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उपधान तप की माला का भव्य वरघोडा संपन्न पालीताणा,
पालीताना श्री जिन हरि विहार धर्मशाला में चल रहे महामंगलकारी उपधान तप की माला का 7 नवम्बर 2013 को भव्य वरघोडा आयोजन संपन्न हुआ सुबह 10 बजे प्रारंभ हुआ वरघोडा तलेटी दर्शन कर श्री जिन हरि विहार स्थित समवशरण पाण्डाल में पहुँचा, जहाँ पूज्य गुरुदेव श्री का मांगलिक प्रवचन हुआ।
उन्होंने कहा- उपधान तप करना, श्रावक जीवन की सर्वोत्कृष्ट साधना है। यह तप करके ही व्यक्ति को श्रावकत्व का अधिकार प्राप्त होता है।
पूज्य उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी म. सा. ने कायोत्सर्ग की व्याख्या करते हुए कहा- शरीर पर से अपना ममत्व हटाना, यही कायोत्सर्ग है। काया का विसर्जन करना.. काया के उपर से अपना राग भाव हटाकर आत्म भावों में डूबना, यही ध्यान है।
आयोजक परिवार ने बताया कि 8 नवम्बर को प्रात: मोक्ष माला का मंगल विधान होगा। इस विधान के साथ ही उपधान तप की पूर्णाहुति होगी।
प्रेषक
दिलीप दायमा