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आसोज वदि 13 गर्भापहार कल्याणक

ता. 13 अक्टूबर 2012 को परमात्मा
महावीर का गर्भापहार कल्याणक है। परमात्मा महावीर का च्यवन कल्याणक
देवानंदा की कुक्षि में हुआ था। 83 दिनों के बाद हरिणैगमेषी देव द्वारा
परमात्मा महावीर के गर्भ को त्रिशला महारानी की कुक्षि में संस्थापित किया
गया। वह दिन गर्भापहार कल्याणक दिन कहलाता है। कई लोग इस घटना को कल्याणक
नहीं मानकर निंद्य अच्छेरा कहते हैं। अच्छेरा तो है पर वह निंद्य कैसे हो
सकता है। क्योंकि उस रात्रि में त्रिशला महारानी ने चौदह महास्वप्न देखे
थे। फिर कल्पसूत्र आदि आगमों में इस गर्भापहार कल्याणक का स्पष्ट उल्लेख
है।
इस दिन परमात्मा महावीर की विशेष रूप से पूजा, आराधना आदि करें।
jahaj mandir, maniprabh, mehulprabh