← Back to Blogs
Updates

इचलकरंजी श्री मणिधारी दादावाड़ी संघ के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा- तपस्या करना कोई हंसी खेल नहीं है। अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करना होता है। बाडमेर निवासी नेमीचंदजी राणामलजी छाजेड परिवार की ओर से दादा गुरुदेव महापूजन का विराट् आयोजन किया गया। इसमं 108 जोडों ने पूजा की। इस महाविधान का संचालन करते हुए मुनि मेहुलप्रभसागर ने दादा गुरुदेव की महिमा बताते हुए पूजन का रहस्य समझाया। अट्ठाई तप के तपस्वियों का पच्चक्खावणी जुलूस का आयोजन किया गया। विधि विधान संजय जैन ने कराया जबकि इन्दौर से आये प्रख्यात संगीतकार लवेश बुरड ने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रात्रि देर तक भक्ति भावना का अनूठा आयोजन हुआ।

By JAHAJMANDIR
इचलकरंजी श्री मणिधारी दादावाड़ी संघ के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा- तपस्या करना कोई हंसी खेल नहीं है। अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करना होता है। बाडमेर निवासी नेमीचंदजी राणामलजी छाजेड परिवार की ओर से दादा गुरुदेव महापूजन का विराट् आयोजन किया गया। इसमं 108 जोडों ने पूजा की। इस महाविधान का संचालन करते हुए मुनि मेहुलप्रभसागर ने दादा गुरुदेव की महिमा बताते हुए पूजन का रहस्य समझाया। अट्ठाई तप के तपस्वियों का पच्चक्खावणी जुलूस का आयोजन किया गया। विधि विधान संजय जैन ने कराया जबकि इन्दौर से आये प्रख्यात संगीतकार लवेश बुरड ने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रात्रि देर तक भक्ति भावना का अनूठा आयोजन हुआ।


jahaj mandir, maniprabh, mehulprabh, kushalvatika, JAHAJMANDIR, MEHUL PRABH, kushal vatika, mayankprabh, Pratikaman, Aaradhna, Yachna, Upvaas, Samayik, Navkar, Jap, Paryushan, MahaParv, jahajmandir, mehulprabh, maniprabh, mayankprabh, kushalvatika, gajmandir, kantisagar, harisagar, khartargacchha, jain dharma, jain, hindu, temple, jain temple, jain site, jain guru, jain sadhu, sadhu, sadhvi, guruji, tapasvi, aadinath, palitana, sammetshikhar, pawapuri, girnar, swetamber, shwetamber, JAHAJMANDIR, www.jahajmandir.com, www.jahajmandir.blogspot.in,