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Palitana Sammelan 2016 imp information. पालीताना में खरतरगच्छ का साधू साध्वी श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन ता. 1 मार्च 2016 से 12 मार्च 2016 तक होगा। इसमें त्रिदिवसीय खरतरगच्छ श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें कुल मिलाकर 7 सत्र होंगे।
सम्मेलन के संबंध में सूचना
पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. के आदेशानुसार पालीताना में खरतरगच्छ का साधू साध्वी श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन ता. 1 मार्च 2016 से 12 मार्च 2016 तक होगा। इसमें त्रिदिवसीय खरतरगच्छ श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें कुल मिलाकर 7 सत्र होंगे।
श्रावक उद्बोधन सत्र में अपने विचारों की अभिव्यक्ति के लिये सकल श्री संघ को सादर आमंत्रण है। निर्णय किया गया है कि जिसे भी अपने विचार सम्मेलन में प्रस्तुत करने हों, उनका नाम स्थानीय संघ द्वारा प्रस्तावित होना अनिवार्य है। आयोजन समिति के पास श्री संघ के लेटर पेड पर अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर युक्त लिखित पत्र प्राप्त होने पर वक्तव्य हेतु उनका नाम वक्ताओं की सूची में अंकित किया जायेगा।
इस पत्र के आने के साथ वक्ता द्वारा दिये जाने वाले वक्तव्य का सार स्वरूप भी लिखित में आना अनिवार्य होगा। सकल खरतरगच्छ संघों से निवेदन है कि वे अवश्य ही अपनी ओर से विचार व्यक्त करने हेतु वक्ता का नाम प्रस्तावित करें।
अपने सुझाव व पत्र व्यव्हार इस पते पर भेजें-
पूज्य गणाधीश श्री मणिप्रभसागरजी म.
श्री जिन हरि विहार धर्मशाला, तलेटी रोड
पो. पालीताना- 364270 जिला- भावनगर, गुजरात
पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. के आदेशानुसार पालीताना में खरतरगच्छ का साधू साध्वी श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन ता. 1 मार्च 2016 से 12 मार्च 2016 तक होगा। इसमें त्रिदिवसीय खरतरगच्छ श्रावक श्राविका सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें कुल मिलाकर 7 सत्र होंगे।
श्रावक उद्बोधन सत्र में अपने विचारों की अभिव्यक्ति के लिये सकल श्री संघ को सादर आमंत्रण है। निर्णय किया गया है कि जिसे भी अपने विचार सम्मेलन में प्रस्तुत करने हों, उनका नाम स्थानीय संघ द्वारा प्रस्तावित होना अनिवार्य है। आयोजन समिति के पास श्री संघ के लेटर पेड पर अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर युक्त लिखित पत्र प्राप्त होने पर वक्तव्य हेतु उनका नाम वक्ताओं की सूची में अंकित किया जायेगा।
इस पत्र के आने के साथ वक्ता द्वारा दिये जाने वाले वक्तव्य का सार स्वरूप भी लिखित में आना अनिवार्य होगा। सकल खरतरगच्छ संघों से निवेदन है कि वे अवश्य ही अपनी ओर से विचार व्यक्त करने हेतु वक्ता का नाम प्रस्तावित करें।
सकल श्री संघ से निवेदन है कि आप सभी सम्मेलन में अवश्य पधारें । ताकि गच्छ विकास आदि विषयों पर गंभीरता से गहन विचार विमर्श कर निर्णय किये जा सके।
सभी से आग्रह है कि सम्मेलन में विचार विमर्श करने हेतु आप अपने सुझाव अवश्य भिजवावें।अपने सुझाव व पत्र व्यव्हार इस पते पर भेजें-
पूज्य गणाधीश श्री मणिप्रभसागरजी म.
श्री जिन हरि विहार धर्मशाला, तलेटी रोड
पो. पालीताना- 364270 जिला- भावनगर, गुजरात