← Back to Blogs
उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु समिति की स्थापना
उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु
समिति की स्थापना
अतिप्राचीन श्री अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ
का शास्त्र शुद्ध जीर्णोद्धार पिछले 8 वर्षों से
चल रहा है। यह जीर्णोद्धार पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री
जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य
भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन प्रेरणा व उनकी निश्रा में चल रहा
है।
जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में चल
रहा है। प्रतिष्ठा के लक्ष्य से ही पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म.
पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा का चातुर्मास इस वर्ष
उज्जैन नगर में हो रहा है।
पूजनीया बहिन म. डॉ श्री
विद्युत्प्रभाश्रीजी म. की पावन निश्रा में श्री अवंती पार्श्वनाथ जैन श्वे. तीर्थ
मूर्तिपूजक मारवाडी समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में उज्जैन के समस्त ट्रस्टों के
पदाधिकारियों की विशाल बैठक हुई। जिसमें बडी संख्या में ट्रस्टी गण पधारे।
इस अवसर पर पूजनीया बहिन म. ने फरमाया-
अवंती तीर्थ सकल श्री संघ का है। यह प्रतिष्ठा सकल श्री संघ की है। प्रतिष्ठा से
सभी को जुडना है।
इस अवसर पर सकल श्रीसंघ की सहमति से
पूजनीया बहिन म. ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री श्री पारसजी जैन को अवंती पार्श्वनाथ
तीर्थ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के चेयरमेन एवं संघवी कुशल गुलेच्छा को संयोजक के
रूप में घोषणा की।
इस घोषणा से सकल श्री संघ में हर्ष-हर्ष
छा गया। निर्णय किया गया कि पर्युषण महापर्व के पश्चात् सकल श्रीसंघ के साथ
बीकानेर पूज्य गच्छाधिपति आचार्यश्री की सेवा में जाकर मुहूर्त्त प्राप्त करेंगे।
jahaj mandir, maniprabh, mehulprabh, kushalvatika, JAHAJMANDIR, MEHUL PRABH, kushal vatika, mayankprabh, Pratikaman, Aaradhna, Yachna, Upvaas, Samayik, Navkar, Jap, Paryushan, MahaParv, jahajmandir, mehulprabh, maniprabh, mayankprabh, kushalvatika, gajmandir, kantisagar, harisagar, khartargacchha, jain dharma, jain, hindu, temple, jain temple, jain site, jain guru, jain sadhu, sadhu, sadhvi, guruji, tapasvi, aadinath, palitana, sammetshikhar, pawapuri, girnar, swetamber, shwetamber, JAHAJMANDIR, www.jahajmandir.com, www.jahajmandir.blogspot.in,