← Back to Blogs
Updates

‘दादावाडी दर्शनम्’ ग्रन्थ का विमोचन हुआ... इस ग्रन्थ में तमिलनाडु, कर्णाटक, केरल, आन्ध्र प्रदेश व महाराष्ट्र प्रान्त की समस्त दादावाडियों का पूरा सचित्र इतिहास प्रकाशित किया गया है। यह प्रोजेक्ट श्री जिनकान्तिसागरसूरि स्मारक ट्रस्ट जहाज मंदिर द्वारा सन् 2007 में प्रारंभ किया गया था। इस कार्य में श्री कान्तिलालजी रांका, श्री भंवरलालजी संखलेचा का बहुत योगदान रहा। कैलाश बी. संखलेचा ने इस प्रकाशन के लिये पूरी मेहनत की।

By JAHAJMANDIR
‘दादावाडी दर्शनम्’ ग्रन्थ का विमोचन हुआ... इस ग्रन्थ में तमिलनाडु, कर्णाटक, केरल, आन्ध्र प्रदेश व महाराष्ट्र प्रान्त की समस्त दादावाडियों का पूरा सचित्र इतिहास प्रकाशित किया गया है। यह प्रोजेक्ट श्री जिनकान्तिसागरसूरि स्मारक ट्रस्ट जहाज मंदिर द्वारा सन् 2007 में प्रारंभ किया गया था। इस कार्य में श्री कान्तिलालजी रांका, श्री भंवरलालजी संखलेचा का बहुत योगदान रहा। कैलाश बी. संखलेचा ने इस प्रकाशन के लिये पूरी मेहनत की।
 ता. 25 अप्रेल को भागवती दीक्षा समारोह में पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. आदि विशाल साध्ु साध्वी समुदाय की पावन सानिध्यता में दादावाडी दर्शनम् ग्रन्थ का विमोचन संपन्न हुआ। विमोचन का लाभ श्री समरथमलजी सोनाजी रांका परिवार के भागचंदजी उत्तमचंदजी भूपेश रांका परिवार गोल उम्मेदाबाद वालों ने लिया।
इस ग्रन्थ में तमिलनाडु, कर्णाटक, केरल, आन्ध्र प्रदेश व महाराष्ट्र प्रान्त की समस्त दादावाडियों का पूरा सचित्र इतिहास प्रकाशित किया गया है। यह प्रोजेक्ट श्री जिनकान्तिसागरसूरि स्मारक ट्रस्ट जहाज मंदिर द्वारा सन् 2007 में प्रारंभ किया गया था। इस कार्य में श्री कान्तिलालजी रांका, श्री भंवरलालजी संखलेचा का बहुत योगदान रहा। कैलाश बी. संखलेचा ने इस प्रकाशन के लिये पूरी मेहनत की।


इस ग्रन्थ का लेखन पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. व साध्वी डाँ. श्री नीलांजनाश्रीजी म. द्वारा किया गया है। इसकी इतिहास सामग्री एकत्र करने में नवकार प्रिण्टर्स के श्री नीलेशजी जैन, भूपतजी चौपडा पचपदरा वालों ने मेहनत की थी।

jahaj mandir