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KHARTARGACHCHH YUVA PARISHAD खरा रहना ही खरतरगच्छ की पहचान है-आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरि

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| KHARTARGACHCHH YUVA PARISHAD |
दुर्ग ! ‘‘सारे युवा एकजुट होकर एक-दूसरे से सहयोग करते हुए धर्म के क्षेत्र में काम करें यही अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद का उद्देश्य है। किसी धर्म या सम्प्रदाय का विरोध न करते हुए अपना विकास ही खरतरगच्छ युवा परिषद का एजेन्डा है। खरतरगच्छ में सदस्यों की संख्या कम हो चलेगा किन्तु सदस्यों में गच्छ के प्रति समर्पण और अनुशासन जरूरी है। सदस्यों का भाषा, वाणी, आचरण और कार्यशैली में खरा रहना ही खरतरगच्छ की पहचान है।’’ उक्त विचार आज अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में सभा को सम्बोधित करते हुए आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी ने कहे।
आचार्यश्री ने युवाओं को सफलता के लिए डिसीप्लीन (अनुशासन), डायरेक्शन (निर्देशन), सही उद्देश्य और लक्ष्य पाने के लिए क्रियाशीलता तथा डेयर (साहस) का 3-डी सूत्र दिया।